जिला धनबाद, प्रखंड तोपचाँची से रविंद्र महतो जी ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि शिक्षकों को अपने वेतन में बढ़ोतरी कराने के लिए धरना प्रदर्शन करना पड़ता है।और इसके लिए उन्हें लाठी डण्डे तक खाने पड़ते है।जिनके हाथो राज्य ही नहीं देश का दायित्व भी है।किसी भी पद के लिए आज के समय में उच्च-से-उच्च योग्यताधारी का चयन किया जाता है।इस पद को पाने के लिए उन्हें कई वर्षो तक मेहनत करनी पड़ी।परन्तु विधायकों के लिए शैक्षणिक योग्यता का कोई मापदंड नहीं है।ऐसे में लोग अपने पथ से भटक जा रहे है। राज्य और देश के विकास के लिए ये चिंताजनक है।