झारखण्ड में गरीबी, अशिक्षा, बेरोजगारी आदि की संख्या देश के अन्य राज्यों की तुलना में अधिक है, बावजूद इसके यहां के विधायकों के वेतन में इजाफा बार बार हो रहा है।जहाँ एक तरफ राज्य में अनुबंध पर कार्यरत सहिया और शिक्षकों को फण्ड के आभाव में 6-6 महीने तक वेतन नही दिया जाता है, वहीं समय-समय पर विधायकों का वेतन में वृद्धि किया जाना नैतिकता के आधार पर कितना उचित हैं?

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Feb. 16, 2017, 7:45 p.m. | Location: 438: JH, Bokaro, Nawadih | Tags: MLAsalaryhike int-DT discussion int-JKR autopub | Category: General