विद्यापतिनगर। निजी विद्यालयों के बढ़ते क्रेज के बीच सरकारी स्कूलों की दशा को सुधारने के लिए सरकारी स्तर पर प्रति वर्ष करोड़ों रुपये खर्च किए जाते हैं। इस प्रयास का नतीजा भी दिखा। सरकारी स्कूलों में बच्चों की संख्या बढ़ गई। लेकिन प्राथमिक विद्यालयों में बच्चों की संख्या के अनुरूप डेस्क व बेंच उपलब्ध नहीं कराने से अब भी अधिकांश प्राथमिक विद्यालयों में बच्चे बोरा, त्रिपाल पर बैठकर ही पढ़ने को विवश हैं। सरकारी स्कूलों में संसाधन बढ़ाए जाने के बाद भी अभी तक प्राथमिकी विद्यालयों में बेंच की कमी को दूर करने के लिए कारगर प्रयास नहीं किया गया। ऐसा ही एक मामला विद्यापतिनगर प्रखंड अंतर्गत सुभानीपुर प्राथमिक विद्यालय में देखने को मिला जहां पढ़ने वाले बच्चे बेंच की कमी की मार झेल रहे हैं। बेंच की कमी से प्राथमिक विद्यालय में बच्चे जमीन पर बैठ कर शिक्षा ग्रहण करे को विवश हैं। स्कूल के वर्ग कक्ष एवं बरामदा में बोरा त्रिपाल पर बैठ कर बच्चे पढ़ते हैं तो कहीं कमरे में ही जमीन पर इन्हें पढ़ाया जाता है। इन स्कूलों में बच्चों को मध्याह्न भोजन योजना के तहत लाभान्वित किया जाता है। इसके अलावा भी बच्चों को प्रति वर्ष पोशाक योजना की राशि उपलब्ध कराई जाती है। साथ ही अनुसूचित जाति व जनजाति के छात्रों को छात्रवृति की भी राशि मिलती है। बावजूद इसके छात्रों के बैठने के लिए डेस्क व बेंच आदि की व्यवस्था आजतक नहीं की जा सकी है। प्रधानाध्यापक मनोज कुमार ने बताया कि विद्यालय में बेंच डेस्क की काफी कमी है। वर्ग एक से पांच के लिए विभाग द्वारा बेंच उपलब्ध नहीं कराया गया है।