जवाहर ज्योति बाल विकास केन्द्र, समस्तीपुर, कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रेन्स फाउंडेशन एवं चाइल्ड लाइन, समस्तीपुर सब सेंटर शाहपुर पटोरी के संयुक्त तत्वावधान में मोहनपुर प्रखंड के सभा कक्ष में *बाल विवाह मुक्त भारत अभियान* विषयक एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यशाला आयोजित किया गया। अध्यक्षता चंदन कुमार, प्रखंड विकास पदाधिकारी नें किया। संचालन जवाहर ज्योति बाल विकास केन्द्र के सिनियर रिसर्च कंसल्टेंट रविन्द्र पासवान नें किया। कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में प्रखंड विकास पदाधिकारी, चंदन कुमार, प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी, इंद्रकांत सिंह, दीपा देवी, बरफी पासवान सरपंच चंदन कुमार, सरपंच रामदास पासवान, सरपंच सहिंदर पासवान, सुरेंद्र राय मुखिया, प्रीति कुमारी, महिला पर्यवेक्षिका रेखा कुमारी, अंकु कुमारी, राजीव नयन पांडे, अंचल अधिकारी, कुंदन कुमार राम, विकास मित्र मौजूद रहे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जवाहर ज्योति बाल विकास केन्द्र से दिनेश प्रसाद चौरसिया एवं बलराम चौरसिया नें संयुक्त रुप से कहा कि कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रेन्स फाउंडेशन के *बाल विवाह मुक्त भारत अभियान* कार्यक्रम के तहत मोहन पुर प्रखंड को बाल विवाह और बाल श्रम मुक्त प्रखंड की तैयारी के लिए आए हुए हैं। हम चाहते हैं कि मोहनपुर प्रखंड भी बाल विवाह, बाल श्रम और बाल यौन हिंसा मुक्त हो। इसके लिए यहां के सभी पदाधिकारियों, कर्मचारियों, जनप्रतिनिधियों, बुद्धिजीवियों से आग्रहपूर्वक अपील करते हैं कि कोई भी बेटी का बाल विवाह न हो। जल श्रमिक संघ के संयोजक फुच्चीलाल सहनी नें कहा कि बाल विवाह को रोकने के लिए बाल संरक्षण समिति बनाया गया है। जिसमें सभी विभागों के पदाधिकारियों जनप्रतिनिधियों और बुद्धिजीवियों को रखा गया है। इस समिति को सक्रिय करना है। ताकि हम कम से कम 40% बच्चियों को बाल विवाह होने से रोक सकें। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुखिया प्रेम कुमार राय नें कहा कि कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रेन्स फाउंडेशन और जवाहर ज्योति बाल विकास केन्द्र के समर्पित साथियों से कहना चाहता हूं कि पंचायत स्तरीय उन्मुखीकरण कार्यशाला आयोजित किया जाएगा तो जागरूकता बढ़ेगी। हमलोग अपनें अपनें पंचायत में मदद करेंगे। गरीबी और बेरोज़गारी के कारण भी बाल विवाह होता है। चर्चेज आक्जीलीयरी आफ सोशल एक्शन की सामुदायिक कार्यकर्ता संगीता कुमारी नें बताया कि शिक्षा की चुनौतियॉ भी बहुत बड़ा कारण है। बरफी पासवान सरपंच, रामदास पासवान सरपंच नें संयुक्त रूप से सुझाव दिया कि शिक्षा से जोड़कर बाल विवाह को रोकना आसान हो जाएगा। प्रखंड विकास पदाधिकारी चंदन कुमार नें कहा कि विद्यालय स्तर पर शिक्षकों के माध्यम से वर्ग में बाल विवाह से होने वाले हानि के बारे में जोड़ देकर पढ़ाना चाहिए।बाल विवाह रोकने के लिए सबसे अधिक महिलाओं को समझना चाहिए। लड़कों का भी बाल विवाह रोकने की जरूरत है। स्वास्थ्य विभाग और बाल विकास परियोजना में कार्यरत लोगों को भी लगाना पड़ेगा। इस काम को संवेदनशीलता के साथ लिया जाना चाहिए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आलोक कुमार राय नें कहा कि लड़की की शादी 18 साल से कम में नहीं करना चाहिए और लड़का का शादी 21 साल के बाद करना चाहिए। हमारे समाज में जागरूकता का अभाव है। गरीबी है। परिवार में बच्चों के लिए जीवन कौशल वाली शिक्षा का अभाव है। घर स्कूल की दूरी अधिक है इसलिए बालिकाओं का छीजन दर ज्यादा है जो बाल विवाह का शिकार होती है। माता पिता को भी जागरूक करना होगा। प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी इंद्रकांत सिंह नें कहा कि हमें बाल विवाह निषेध अधिनियम को कड़ाई के साथ पालन कराना होगा। उन्होंने कहा कि अब हमारी बच्चियां भी बाल विवाह नहीं करना चाहती है। अधिकांश लड़कियां अपनें होस्टल से छुट्टीयों में घर इसलिए नहीं आना चाहती है कि माता पिता बाल विवाह कर देंगे। अंचल अधिकारी राजीव नयन पांडे नें कहा कि वंश वृद्धि के लिए शादी किया जाता है। पहले बच्चियों की शादी एक निश्चित पिरियड के अंदर कर दिया जाता था लेकिन उस पिरियड में बच्चियां शारीरिक और मानसिक रूप से तैयार नहीं होती है। जन जन को जगाने की आवश्यकता है। बाल विवाह कानूनन अपराध है। उन्होंने कहा कि कैलाश सत्यार्थी जी नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित व्यक्ति हैं। उन्होंने बाल विवाह को रोकने के लिए महा अभियान की शुरुआत किए हैं हमें बढ़चढ़ कर हिस्सा लेना चाहिए। अब लोग जागरूक हो रहे हैं। बाल विवाह के मामलों में कोविद के समय काफी वृद्धि हो गया था लेकिन अब गिरावट आई है। कार्यक्रम को संबोधित करने वालों में नवनीत कुमार, अंजु कुमारी, रीता कुमारी, विभा कुमारी, किरण कुमारी, ललिता कुमारी, कौशल कुमार, संजय कुमार, सहिंदर पासवान समेत अन्य लोग शामिल हुए।