बिहार राज्य के समस्तीपुर जिला से मोबाइल वाणी संवाददाता रत्न शंकर जानकारी दे रहे हैं की आजादी के 75 साल बीत जाने के बाद भी नौनिहालों को स्कूल तक का सफर 200 मीटर के कच्चे रास्ते को पार करके जाना पड़े, तो सरकारी सिस्टम पर यकीनन गुस्सा आता है। लेकिन उससे भी ज्यादा तरस उन बच्चों पर आता है, जो रोजाना डरते सहमते हुए स्कूल तक पहुुंचते हैं। एक तरफ राज्य और केंद्र सरकार स्कूल चले अभियान के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, वहीं दूसरी ओर प्रखंड के मनियारपुर पंचायत के वार्ड 5 के उत्क्रमित मध्य विद्यालय रहीमपुर प्यारे स्कूल के बच्चों को कच्चे रास्ते से रोजाना स्कूल जाना उनकी मजबूरी बना हुआ है।स्कूल पहुंच मार्ग की दूरी महज 200 मीटर हैं। करीब 100 नौनिहाल और मिडिल स्कूल के छात्र-छात्राए इसी कच्चे मार्ग से होकर रोजाना स्कूल पहुंचते हैं। जिसे बरसात के समय में कीचड़ के दलदल वाले रास्ते में कोई अपना पैर भी नहीं रखना चाहता, उसी रास्ते से होकर बच्चे रोजाना स्कूल तक का सफर तय करते हैं। वहीं, ग्रामीणों व किसानों को उक्त मार्ग से होकर खेत आना-जाना पड़ता है, जिन्हें भी काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। उक्त मार्ग पर सीसी रोड नहीं होने के चलते हर ग्रामीण परेशान हैं।
