विद्यापतिनगर में पीएचईडी विभाग की लापरवाही का खामियाजा पिछले दस दिनों से पंचायत के लोग भुगत रहे हैं। महज एक मोटर के चलते हजारों घरों में पेयजल की आपूर्ति बंद है। सुबह से उठकर गांवों के लोग पानी के जुगाड़ में लग जाते हैं। जिन घरों में निजी बोरिग या चापाकल है, वहां से एक-दो बाल्टी ही पानी मिल पाता है। उसी से घर का पूरा कामकाज निपटाना होता है। जरूरत पड़ने पर फिर बाल्टी उठाकर पानी मांगने निकल पड़ते हैं। कभी इस घर तो कभी उस घर। करीब दस दिनों से ग्रामीण इस परेशानी से जूझ रहे हैं। पिछले एक साल में चार से पांच बार मोटर जला है, जिसे बदलने की जहमत विभाग नहीं उठा पा रहा है।पानी टंकी पर दर्जनों आक्रोशित ग्रामीणों ने पहुंच कर हंगामा किया और सड़क जाम करने की बात कही। ग्रामीणों ने बताया कि एसडीओ ओर संवेदक को कई बार फोन किया गया लेकिन वह फोन नहीं उठाते हैं। गांव के प्रत्येक घरों में शुद्ध पेयजल आपूर्ति का लिए कनेक्शन दिया गया है। पर आलम है कि एक साल से घरों में पेयजल की आपूर्ति बंद है। वो इसलिए कि नल जल का मोटर खराब पड़ा है, जिसके आजतक बदला नहीं जा सका। ग्रामीणों ने कहा कि लगभग हजारों घरों में नल का कनेक्शन है, जिन्हें पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। मोटर खराब होने से घरों तक पानी नहीं पहुंच रहा। पानी के लिए सुबह से उठकर जद्दोजहद करनी पड़ती है। पर विभाग सुध नहीं ले रहा। इससे ग्रामीणों में काफी आक्रोश है। इसकी सूचना पीएचईडी विभाग के एसडीओ, जेई को अनेकों बार दी जा चुकी है। लेकिन मोटर को अबतक दुरुस्त नहीं किया गया।विस्तृत जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक करें।
