विद्यापतिनगर। टीबी मरीजों की लापरवाही दिन-ब दिन नए टीबी मरीज पैदा कर रही है। हालात ये हैं कि औसतन हर रोज 5/6 मरीज इलाज के लिए पीएचसी अस्पताल पहुंच रहे हैं। लापरवाही ये कि समय पर जांच नहीं करवाई जाती है और बीमारी का पता नं होने के कारण टीबी मरीज अपने थूक से अनेक लोगों में टीबी की बीमारी बांट चुका होता है। फिलहाल 447 मरीज इलाज करा रहे है। टीबी मरीजों की सुविधा के लिए स्वास्थ्य विभाग ने प्राइवेट अस्पतालों में इलाज लेने वाले मरीजों को भी एक्स-रे और सीबीनीट की जांच नि:शुल्क दी जा रही है। पीएचसी अस्पताल के क्षय रोग विभाग में वर्ष 2021 से 447 मरीज टीबी का उपचार करवा रहे हैं। डॉक्टर का कहना है टीबी पीड़ितों में ज्यादातर ऐसे गंभीर केस सामने आ रहे हैं जिन्हें यह जानकारी ही नहीं थी कि उन्हें टीबी है। ज्यादातर बुखार, खांसी, शूगर के मरीज सामान्य ओपीडी में चेकअप के लिए आते हैं। चिकित्सक चेकअप के दौरान उनमें टीबी के लक्षण होने पर टीबी विभाग में जांच के लिए भेजते हैं। जांच के बाद उन्हें टीबी का पता लगता है।