गंगा का जलस्तर बढ़ने से दियारा क्षेत्र के लोगों की मुश्किलें बढ़ गयी हैं। हजारों एकड़ में लगे मक्के, मिर्ची और बाजरे के खेत में पानी घुस गया है ऐसे में अब मवेशियों को चारा की किल्लत होगी। मक्का अब तक पक नहीं पाया था, अब इससे उसके बर्बाद होने की आशंका है। किसान कच्चा फसल ही काटने लगे हैं। लोग अपने मवेशियों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने लगे है। शेरपुर दियारा के किसान ने अपनी व्यथा बताते हुए कहा कि 'हम किसान बरसात में भदई, मकई और मवेशियों के लिए बाजरा बोते हैं। मकई में दाना अब पकने के कगार पर था कि गंगा नदी का पानी घुस गया। स्थिति यह कि पानी में घुसकर मकई को काट रहे हैं। अगर लगातार खेत में पानी जमा रह गया तो फसल पानी में गिर कर सड़ जाएगी। सबसे अधिक चिंता मवेशी की होने लगी है। अब चारा की समस्या उत्पन्न जाएगी। नाव की व्यवस्था नहीं रहने से पानी में तैरकर फसल को काटते हैं और तैरकर किनारे लगाकर उंचे स्थान पर लाते हैं। खिलाने और मकई काटने का समय हुआ तो पानी घुस गया।