आशा सेवा संस्थान द्वारा मंडल कारा समस्तीपुर में विश्व साक्षरता दिवस के अवसर पर एक कार्यशाला का आयोजन किया गया।कार्यक्रम की अध्यक्षता अधीक्षक ज्ञानिता गौरव ने की।संचालन उपाधीक्षक मनोज कुमार सिंह ने किया।कार्यशाला को संबोधित करते हुए आशा सेवा संस्थान के सचिव अमित कुमार वर्मा ने कहा कि विश्व साक्षरता दिवस लोगों को साक्षर होने और सामाजिक और मानव विकास के अपने अधिकारों को जानने की आवश्यकता के बारे में जागरूक करने के लिए यह दिन मनाया जाता है।साक्षरता न केवल लोगों को बेहतर जीवन जीने में मदद करती है बल्कि गरीबी उन्मूलन, जनसंख्या को नियंत्रित करने, बाल मृत्यु दर को कम करने आदि में भी मदद करती है. यह दिन लोगों को बेहतर शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करने के लिए मनाया जाता है।मौके पर जिला स्वयं सेवी संस्था संघ के सचिव संजय कुमार बबलू ने कहा की भारत में साक्षरता दर 2011 में पिछली जनगणना के अनुसार कुल 74.04 प्रतिशत साक्षर हैं, पिछले दशक (2001-11) से 9.2 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।ईडेन वेलफेयर ट्रस्ट के चेयरमैन ब्रजकिशोर कुमार ने कहा की जीतने भी साक्षर लोग हैं उन्हें चाहिए की वो ज्यादा से ज्यादा लोगों को साक्षर करें। इस अवसर पर अवकाश प्राप्त शिक्षिका वीणा कुमारी द्वारा स्वरचित कविता की पुस्तक पुरुष बंदियों को दी गई। वहीं दूसरी ओर आशा सेवा संस्थान द्वारा तीज पर्व के अवसर पर महिला बंदियों के बीच मेंहदी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। साथ ही संस्था के प्रशिक्षक नगमा प्रवीण एवं मीनू वालिया द्वारा महिला बंदियों को मेंहदी लगाने के अलग अलग डिज़ाइन के बारे में भी प्रशिक्षित किया गया।मौके पर सामाजिक कार्यकर्ता सह अधिवक्ता भैरव कुमार प्रभात मौजूद थे। धन्यवाद ज्ञापन उपाधीक्षक मनोज कुमार सिंह ने किया।इस खबर को सुनने के लिए ऑडियो पर क्लिक करें।
