दोस्तों शिक्षक का पद हमारे समाज में आदि काल से ही गरिमा में है पुराने जमाने में अध्ययन के लिए छात्र गुरु शिष्य परंपरा का निर्वहन करने हेतु गुरुकुल में जाते थे वर्तमान काल में भी शिक्षक का पद बहुत ही गरिमा में है वह हमेशा अपने छात्रों को स्वाभिमानी एवं स्वावलंबी बनने की शिक्षा देते रहते हैं बीता कोरोना काल उनके लिए काफी विकराल रहा है स्कूल बंद, कोचिंग बंद, तनख्वाह नहीं हाथ खाली और वे बेबस सरकार ने गरीबों को राशन दिया अच्छी बात है पर एक शिक्षक का आत्मसम्मान तो उसे वहां भी नहीं पहुंचा सकता तो आइए साथियों हम जानते हैं हमारे साथ रहने वाले शिक्षकों की क्या स्थिति हुई उन्हीं की जुबानी?