बिहार राज्य के जिला समस्तीपुर से सुशील मिश्रा मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि लड़के लड़कियों में भेदभाव को समझने के लिए अभिभावकों को सोच का नजरिया बदलना होगा।शिक्षा में इतनी शक्ति है कि जो लोग समझ गए वे आगे बढ़ गए। जिस दिन शिक्षा की गुणवत्ता को अभिभावक समझ जायेंगे उस दिन बेटे बेटी में भेदभाव नहीं होगा .
