आज के दौर में जहां बेटे एक समय बाद माता-पिता को छोड़कर चले जाते हैं। वहीं बेटियां बढ़चढ़कर उनकी देखभाल कर रही हैं। कहानी है कि बिहार के गोपालगंज जिले की रहने वाली एक लड़की की। जिसने पति की मौत के बाद न केवल खुद को संभाला वरन अपनी मां के लिए श्रवण कुमार की भूमिका अदा की। मेहनत मजदूरी करके वह घर चला रही है और साथ ही अपनी मां का इलाज भी करा रही है। सरकारी सिस्टम की बेरुखी के चलते उसे झोपड़ी में रहना पड़ रहा है। तीन साल से मां बीमार है उसके इलाज के उसे चार किलोमीटर दूर बरौली लेकर जाना पड़ता है। मुफलिसी के चलते न तो वह गाड़ी कर सकती है और न ही एंबुलेस बुला सकती है। ऐसे में मां को कंधे पर लादकर बेटी अस्पताल पहुंचा रही है। मां के प्रति बेटी के इस साहसिक कदम को देखकर हर कोई उसकी तारीफ कर रही है।इस खबर को सुनने के लिए ऑडियो पर क्लिक करें।
