36 वर्षों से मुंह बाएं खड़ा है श्रीपुरगाहर का जलमीनार, अबतक नहीं टपका एक बूंद पानी।मरम्मती के नाम पर हो रही लूट खसोट।खानपुर:-प्रखंड के श्रीपुरगाहर गांव स्थित 36 वर्ष पूर्व बना जलमीनार से आज तक लोगों को एक बूंद पानी नसीब नहीं हुई है। जलमीनार केवल शोभा की वस्तु बनकर खड़ी है।आश्चर्य है कि इतने वर्षों के बाद भी लाखों की लागत से बना जलमीनार का लाभ लोगों को नहीं मिल पाना सरकार व विभाग की उदासीनता को दर्शाता है।इस उमस भरी गर्मी में शुद्ध पेयजल के लिए लालायित स्थानीय लोगों में आक्रोश पनपने लगा है।फिलवक्त तीन दशक से जलापूर्ति की आशा में लोग आज भी इसे चालू होने की दिन गिन रहे है।एक ओर सरकार द्वारा गांव में शुद्ध पेयजल मुहैया कराने के लिए नल-जल योजना को युद्धस्तर पर मूर्त रूप देने की कोशिश की जा रही है, जिसमें सरकार के करोड़ों रुपये खर्च हो रहे हैं।दूसरी तरफ पूर्व की व्यवस्था में लाखों की खर्च के बाद भी लोगों को पानी की बूंद नसीब नहीं हो रहा है।पुरानी व्यवस्था के ठप रहने से जनभावनाओं के साथ लोग ये खिलवाड़ मान रहे हैं।लोगों का बताना है कि 36 वर्ष पहले लोगों को शुद्ध जल मुहैया कराने के लिए जब जलमीनार तैयार कर गांव-गांव में पाइप लाइन बिछाई गई तो फिर इसे चालू क्यों नहीं कि जाति है।हर वर्ष पाइप की मरम्मतीकरण के नाम पर खानापूरी कर छोड़ दिया जाता है।लोगों का मानना है कि जलमीनार चालू रहता तो आज लोगों को पानी के लिए मोहताज नहीं होना पड़ता।