जिम्मेदार पदों पर आसीन पदाधिकारियों को कोई बयान या आदेश निर्देश जारी करने के पहले संबंधित विषय में उपलब्ध प्रतिवेदन व अभिलेखों का अध्ययन कर लेना चाहिए। संगीत शिक्षको और उनके डिप्लोमा पर झारखंड शिक्षा निदेशालय का हालिया बयान निःसंदेह उनमें अध्ययनशीलता के अभाव का परिणाम है। जिले के हसनपुर स्थित बीकेपीजी संगीत सदन के संस्थापक सचिव सुविख्यात तबला मर्मज्ञ पंडित रामनरेश राय ने उक्त बातें मीडिया कर्मीयों से कहीं। मीडिया में आई इस तरह की खबरें भ्रामक है। कहा कि पदाधिकारियों ने यूजीसी की गाइड श्री राय ने केंद्र एवं झारखंड सरकार के शिक्षा मंत्री से आग्रह किया है कि वे इस मामले में अविलंब संज्ञान लेकर और यथोचित निर्णय करें ताकि संगीत शिक्षकों की समक्ष उत्पन्न भ्रम की स्थिति का निवारण हो सके। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।
