कल्याणपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में दवाओं को लेकर समस्या आम हो चुकी है मरीजों को दवा के लिए मार्केट का रुख करना पड़ता है अभी कल्याणपुर प्रखंड बाढ़ की मार झेल ही रही है अच्छी खबर है कि अब पानी धीरे-धीरे घटने लगी है लेकिन इसके साथ ही सैकड़ों बीमारियां भी उत्पन्न होने लगी है जिस के इलाज के लिए ग्रामीणों को अस्पताल का चक्कर काटना पड़ रहा है डॉक्टरों के द्वारा दवाइयां लिख दी जाती है लेकिन अस्पताल में दवा नहीं होने के कारण ग्रामीणों को काफी समस्या का सामना करना पड़ता है ताजा मामला है कि 7 वर्षीय आदिल अपने पिता मोहम्मद जावेद के साथ अपने पैर के जख्म का इलाज करवाने कल्याणपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गए वहां डॉक्टर के द्वारा दवाइयां तो लिखी गई लेकिन अस्पताल में दवा नहीं होने के कारण मरीज के परिजन को बकरी बेचकर मार्केट से दवाई लेना पड़ा ठीक कुछ महीने पहले ही इसी अस्पताल में प्रसव के दौरान एक महिला की मृत्यु हो गई थी जिसको लेकर परिजनों के द्वारा काफी हंगामा भी किया गया था फिर भी अस्पताल प्रशासन है कि उनके कानों में जूं तक नहीं रेंगती अब जैसे जैसे बाढ़ के पानी घटेगी वैसे ही बीमारियां और मरीजों की संख्या में काफी वृद्धि होगी क्या आने वाले बीमारी का ऐसे ही अस्पताल प्रशासन निवारण करेगी? सरकारी अस्पताल का यदि यही हाल रहा तो क्या आवश्यकता है ऐसे अस्पतालों का जो सफेद हाथी साबित हो।
