रामगढ़ जिले से इम्तियाज़ अहमद जी मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते हैं कि उमा की सोच बहुत अच्छी है।और उमा क्या उमा जैसी बहुत सारी बच्चियों को भी यह सोच रखनी चाहिए। साथी ही सभी माता-पिता को यह सोचना चाहिए कि उन्हें अपनी बच्चियों को पढ़ाना है क्योंकि आज के दौर में कोई भी लड़कियां लड़कों से कम नही हैं।सभी माता-पिता को अपनी बच्चियों की सोच को ऊँची उड़ान भरने के लिए उन्हें प्रोत्साहित करना चाहिए ताकि हमारे समाज में जो लड़के और लड़कियों के बीच भेदभाव की खाई है वो दूर हो सके।