झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग जिला से सोमर मुंडा ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि जब महिलाओं को भूमि पर अधिकार और पहुँच प्राप्त होती है,तो इसका आर्थिक लाभ उनके परिवार और समुदाय तक पहुँचाता है।शोध से पता चलता है कि पुरुषों की तुलना में महिलाएं अपनी कृषि और भूमि आधारित आय का अधिक हिस्सा अपने परिवार के लिए योगदान करती है।जिसके परिणाम स्वरूप खाद्य सुरक्षा,बच्चों के स्वास्थ और शिक्षा में सुधर होता है