झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग़ जिला से राज कुमार मेहता मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते हैं कि सुप्रीम कोर्ट ने दो हजार पाच में हिंदू उत्तराधिकारी संशोधन अधिनियम दो हजार पांच में भारत में उत्तराधिकार कानूनों में पहली बार लैंगिक लैंगिक समानता को लागू किया। दो हजार पांच के संशोधन और उसके बाद के न्यायिक निर्णयों में यह स्पष्ट किया है कि विवाहित पुत्री को अपने पिता की संपत्ति पर उतना ही अधिकार है जितना की पुत्र की है।पिता की संपत्ति में जितना पुत्र का अधिकार होता है उतना ही अधिकार पुत्री का भी होता है
