झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग़ जिला से राज कुमार मेहता मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते हैं कि भारतीय किसान यूनियन और बुंदेलखंड किसान यूनियन का कहना है वह कभी महिलाओं को अधिकार देने के सम्बन्ध में सोचे ही नहीं थे। महिलाओं को योजनाओं के बारे में पता ही नहीं है। लोगों को गूगल में सर्च करने के बाद योजनाओं के बारे में पता चला
