झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग़ जिला से राज कुमार मेहता मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते हैं कि दहेज़ और शादी के कारण महिलाओं को पैतृक संपत्ति में अधिकार नहीं दिया जाता है। लोग यह सोचते हैं कि जब शादी में दहेज़ दे चुके हैं तो संपत्ति में अधिकार क्यों दें। लोगों का कहना है कि महिलाओं को संपत्ति में अधिकार दहेज़ के रूप में दे दिया जाता है। इसलिए भूमि में अधिकार नहीं मिलना चाहिए। अक्सर भूमि का रिकॉर्ड पुरुषों के नाम पर होता है जिससे महिला का मालिकाना हक कमजोर हो जाता है
