झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग जिला से राजकुमार ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि हजारों वर्षों से समाज में पुरुषों और महिलाओं की भूमिकाओं का संतुलित वितरण होता रहा है।बीसवीं शताब्दी के उत्तरार्ध में नारीवाद जैसे आधुनिक विचारों और सिद्धांतों ने इस परम्परा को आगे बढ़ाया। जब वैज्ञानिक प्रगति में सभी को प्रौद्योगिकी के अनुप्रयोग से जीवन और कार्य का आनंद लेने की अनुमति दी।जैसे-हवाई जहाज उड़ाना, ट्रैक्टर से खेत जोतना या मशीनगन चलाना,इत्यादि।जहाँ शारीरिक शक्ति के बजाय बौद्धिक क्षमता की आवश्यकता होती थी।इन कार्यों के लिए पुरुष सही पात्र थे