झारखण्ड राज्य से टेक नारायण प्रसाद कुशवाहा मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते हैं कि जमीन में समाज में एक अलग स पहचान, सम्मान ,सशक्तिकण ,आर्थिक, सामाजिक ,महत्वाकांक्षा का महत्व देता है। महिलाओं के नाम से जमीन की पट्टा मिलने या वन जंगल का पट्टा मिलने से महिलाओं में आत्मनिर्भर ,आत्म स्वाभिमानी और महिला उस घर की एक सशक्त महिला के रूप में उभरने का स्वाभिमान प्राप्त होता है। महिलाएं पुरुषों को अधिकार नहीं देना चाहते हैं और वह अपने अधीन ही रखना चाहते हैं । पुरुष को यह बात की जागरूकता होना चाहिए कि जमीन महिलाओं के नाम से पट्टा मिलता है तो महिला उस घर की स्वाभिमानी कहलाती है और उस घर में उनकी बहुत बड़ी महत्व देखने को मिलता है तथा इससे महिलाओं के लिए आबादी को एक स्वाभिमान प्राप्त होता है और हमारे देश को एक सशक्तिकरण मिलने की बात कही जाती है जो आज महिलाओं के नाम से जमीन का पट्टा बनाने से महिलाओं में आत्मस्वाभिमान उत्पन्न होता है।