झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग़ जिला से राज कुमार मेहता मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते हैं कि महिलाओं को भूमि में अधिकार नहीं मिलनसे से कई तरह समस्या होती है। भारत में महिलाओं को भूमि अधिकार ना मिलने के यह कारण हैं कि पारम्परिक पित्रसतात्मक, सामाजिक रीति रिवाज और कानूनी जागरूकता की कमी है। जमीन अमूमन पिता से पुत्र को दिया जाता है जिससे अस्सी प्रतिशत से अधिक कृषि का कार्यो में योगदान के बावजूद महिलाएं भूमिहीन रहती हैं। इससे उन्हें आर्थिक संतरता, ऋण और सरकारी कृषि सब्सिडी से वंचित होना पड़ता है। जिससे वे अधिक असुरक्षित है। अभी लगभग अस्सी प्रतिशत महिलाएं खेती पर निर्भर रहती हैं फिर भी उन लोगों को भूमि का अधिकार नहीं मिलता है। इसलिए उन लोगों को भूमिहीन माना जाता है। इसके कारण महिलाओं को लोन ,योजनाओं का लाभ और सब्सिडी भी नहीं मिल पाता है।