झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग़ जिला से राज कुमार मेहता मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते हैं कि कई महिलाएं खेती करती हैं लेकिन उनको जमीन में अधिकार नहीं दिया जाता है। 80 % जमीन पुरुषों के नाम होती है। इसका मुख्या कारण पितृसत्ता है। समाज में यह धारणा रही है कि वंश पुरुष के नाम से चलता है इसलिए संपत्ति बेटों को दिया जा रहा है। महिलाओं के ससुराल जाने के कारण उनको मायके में अधिकार नहीं दिया जाता है ताकि सम्पाती का विभाजन न हो सके। समाजिक दबाव के कारण पहले महिला अपने अधिकार के लिए दावा नहीं कर पाती थी लेकिन हिन्दू उत्तराधिकारी अधिनयम 2005 के संसोधन के बाद पुत्र के तरह पुत्रियों को भी अधिकार दिया गया है
