झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग़ जिला से राज कुमार मेहता मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते हैं महिलाओं के संपत्ति और भूमि अधिकारों में कानूनी समानता की दिशा में प्रगति हुई है। खासकर पैतृक संपत्ति में बेटियों के सहदायिक अधिकार और पति की मृत्यु के बाद संयुक्त संपत्ति में हिस्सेदारी के साथ जिससे उन्हें आर्थिक संतरता और सशक्तिकरण मिलता है। हालांकि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में भूमि स्वामित्व में अंतर है और जागरूकता व नीतिगत हस्तक्षेप की आवश्यकता है ताकि सभी महिलाएं विशेषकर किसान इन अधिकारों का पूरी तरह लाभ उठा सके क्योंकि भूमि स्वामित्य आय निर्णय लेने और समाजिक सुरक्षा में वृद्धि होती है
