झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग़ जिला से रमेश यादव मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते हैं कि कृषि के समावेशी विकास को प्राप्त करने के लिए महिलाओं का सशक्तिकरण आवश्यक है और इसके लिए उनकी भागीदारी ,लैंगिक पहलू, मतवक्त और स्वास्थ्य एवं पोषण समबंधी जानकारियों का होना जरूरी है। इन विषयों को लैंगिक दृष्टिकोण से उपयोगी तकनीक ,उसके पस्कृत रूप और प्रसार के तरीके से समझा जा सकता है। वर्तमान समय में बहुत सारे ऐसी महिलाएं हैं जो कृषि पर निर्भर है। वह खेती बाड़ी करके अपना जीवन जी रहे हैं। फिर भी इन लोगों को संपत्ति का अधिकार नहीं दिया जा रहा है बल्कि इन लोगों को सिर्फ खेत में काम करने के भाव से देखा जा रहा है। इन लोगों को सिर्फ मजदूर के रूप से देखा जा रहा है।
