झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग़ जिला से हमारे श्रोता मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहती हैं कि भारत में जब भी कृषि सम्बंधी चर्चा की जाती है तो किसान के रूप में पुरुषों के बारे में ही सोचा जाता है। महिलाओं का नाम कृषि भूमि के मालिक के रूप में दर्जा नहीं होने के कारण उनको किसानों की परिभाषा से बाहर रखा जाता है। कृषक के रूप में मान्यता न मिलने से महिलाएं नियमुसार सभी सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने से वंचित रह जाती हैं । सरकार भी इस समस्या को लेकर चिंतित नहीं है
