झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग़ जिला से राज कुमार मेहता मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते हैं कि दलितों आदिवासियों के विरुदध अस्पृशता और भेदभाव की प्रथ है। वह असंगठित श्रम जैसे - प्रवासी श्रम ,श्रमिक बंधुओ ,मजदूरी और बाल श्रम आदि जैसे पर निर्भर है।दलित आदिवासी महिलाओं के अधिकार -अंतरजतीय अंतर्गोत्ररीय विवाह में दम्पतियों के अधिकारों की रक्षा, दलित आदिवासी भूमि अधिकार ,सकारात्मक कारवाही ,सुरक्ष्मातक भेद भाव ,दलित आदिवासी आबादी से सम्बंधित विशेष विकास योजनाएं बननी चाहिए।