झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग़ जिला से राज कुमार मेहता मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते हैं कि कानून और अम्ल के बीच अंतर् - मजबूत कानूनी प्रावधान जैसे एससी एसटी अधिनियम के बावजूद जमीनी स्तर पर उन्हें लागू करना मुश्किल है। सामाजिक संस्कृति बाधाएं - इसमें जाति आधारित पदानुक्रम और सामाजिक बहिष्कार उन्हें न्याय और संसाधनों से दूर रखता है। आर्थिक निर्भरता -इसमें भूमिहीनता और खेतिहार मजदूर होने के कारण वे और भी शोषित होती हैं। कानून की सहायता जैसे दलित और आदिवासी अधिकार पहल जैसे संगठन कानूनी सहायता और जागरूकता प्रदान करती हैं।
