झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग़ जिला से राज कुमार मेहता मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते हैं कि दलित और आदिवासी महिलाओं के भूमि सम्बन्धी मुद्दे बहुत ही गहरे हैं। जिसमें भूमिहीनता ,बेदखली और श्रम शोषण प्रमुख हैं। जिससे वह गरीबी हिंसा और सामाजिक बहिष्कार का शिकार होती हैं जबकि कानूनी अधिकार होने के बावजूद उन्हें भूमि पर मालिकाना हक मिलना मुश्किल होता है। जिससे उनके पारमपरिक जीवन और संसाधनों पर खतरा मंडराता रहा है। महिला अक्सर समाजिक और आर्थिक रूप से कमजोर होती है और अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रही हैं।