झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग जिला से राजकुमार मेहता ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि जल संरक्षण में महिलाओं के अधिकारों पर आंकड़े समिति है।लेकिन 53 देशों के साक्ष्य बताते हैं कि सत्तर प्रतिशत से अधिक महिलाओं के पास कोई भूमि नहीं है। यदि कोई कदम नहीं उठाया गया तो महिलाएं और भी पिछड़ जाएंगी और जलवायु समबंधित अपदाओं का खतरा उन पर बढ़ जाएगा। जब महिलाओं के सम्पत्ति अधिकार सुरक्षित होंगे तो उन्हें मृदा संरक्षण और अन्य जलवायु अनुकूल कृषि में निवेश करने के लिए अधिक प्रोत्साहन मिलेगा।