आईसेक्ट विश्वविद्यालय, हजारीबाग की ओर से रविंद्रनाथ टैगोर विश्वकला एवं संस्कृति केंद्र तथा वनमाली सृजन पीठ की पहल पर आयोजित विश्वरंग पुस्तक यात्रा का समापन स्थानीय नगर भवन में शुक्रवार को समापन समारोह आयोजित कर किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत आईसेक्ट विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ मुनीष गोविंद व डीन एडमिन डॉ एसआर रथ के हाथों दीप प्रज्वलन कर किया गया। इसके बाद आईसेक्ट विश्वविद्यालय की छात्राओं ने मनमोहक नृत्य प्रस्तुत कर मौजूद लोगों का मन मोह लिया। समापन समारोह के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ साथ कवि सम्मेलन भी आयोजित किया गया। सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान आईसेक्ट विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने एक से बढ़कर एक गीत, ग़ज़ल और नृत्य से समां बांध दिया। साथ ही इस मौके पर झारखंड के साथ साथ देश के विभिन्न लोकनृत्य की भी झलकियां देखने को मिली। मौके पर आईसेक्ट विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ मुनीष गोविंद ने कहा कि पुस्तक यात्रा हजारीबाग सहित गिरीडीह, कोडरमा, चतरा समेत अन्य जिलों के विभिन्न स्कूलों व कॉलेजों में भ्रमण कर किताबों के प्रति जागरूक करने के प्रयास को चारों ओर सराहा गया और इसे देश हित में उठाया गया कदम बताया गया। वहीं आईसेक्ट विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने समापन समारोह के मौके पर शानदार सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश कर इसे यादगार बना दिया। सांस्कृतिक कार्यक्रम के बाद आयोजित कवि सम्मेलन एवं रचना पाठ का संचालन वनमाली सृजन पीठ के प्रदेश अध्यक्ष मनोहर लाल बाथम ने किया। डॉ कविता सिन्हा, डॉ सुबोध कुमार सिंह शिवभीत, डॉ प्रमिला गुप्ता, विवेक प्रियदर्शी, गणेश चंद राटी, डॉ कमला प्रसाद, पुस्तक यात्रा समन्वयक विक्रांत भट्ट समेत कई नामचीन कवियों ने अपनी कविताओं से मौजूद लोगों का दिल जीत लिया। मौके पर रचना पाठ सत्र के मुख्य अतिथि के तौर पर पद्मश्री बुलु इमाम ने कार्यक्रम में शिरकत की। कार्यक्रम को लेकर पद्मश्री बुलु इमाम ने कहा कि आईसेक्ट विश्वविद्यालय की पुस्तक यात्रा जैसी पहल की सराहना अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर हो रही है। किताबों के प्रति विश्वविद्यालय ने जो अभियान चलाया है, वह वाकई आने वाले समय में मील का पत्थर साबित होगा। विस्तृत जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक करें।