पूर्व से लम्बित एवं राज्य सरकार के साथ हुए समझौते के बाद स्वीकृत मांगो के समर्थन को लेकर झारखंड राज्य भूमि सुधार राजस्व उप निरीक्षक संघ, हजारीबाग द्वारा अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा की गई है। हड़ताल पर जाने के बाद जिले के विभिन्न अंचलों में कार्यरत राजस्व उपनिरीक्षकों ने अपने मांगों के समर्थन में समाहरणालय के समक्ष धरने पर बैठ गए हैं। 11 सूत्री मांगों में 10 अक्तूबर 2019 को झारखंड सरकार के साथ हुए समझौतेक्षके अनुसार राजस्व उपनिरीक्षकों का ग्रेड-पे 2400 रूपए एवं तीन वर्षों के बाद 2800 रूपए किए जाने, समझौते के अनुसार अंचल निरीक्षकों के पद पर सीधी बहाली पर रोक लगाते हुए 50 फीसदी पद वरीयता एवं शेष 50 फीसदी पदों पर प्रति वर्ष सीमित प्रतियोगिता के आधार पर प्रोन्नति दिए जाने, राजस्व उप निरीक्षकों का कार्यानुभव दस वर्षों के स्थान पर पांच वर्ष किए जाने, राजस्व प्रोटेक्शन एक्ट लागू किए जाने, राजस्व उपनिरीक्षकों को लैपटॉप एवं इंटरनेट सुविधा का खर्च दिए जाने, हल्का इकाई का पुनर्गठन किए जाने, दोपहिया वाहन व ईंधन खर्च उपलब्ध कराए जाने, क्षेत्र भ्रमण के दौरान सुरक्षा मुहैय्या कराए जाने, राजस्व उपनिरीक्षको व अंचल निरीक्षकों के रिक्त पदों को अविलंब भरे जाने एवं जनगणना से समायोजित राजस्व उपनिरीक्षकों को पुरानी पेंशन योजना का लाभ दिए जाने सम्बन्धी मांगे शामिल है। धरने में जिला संघ के अध्यक्ष रामप्रकाश चौधरी, उपाध्यक्ष रीतलाल रजक, जिला सचिव रागिनी कच्छप, मो. आरिफ हुसैन, विक्रम कुमार, मयंक कुमार सिंह, बालेश्वर कुमार सहित जिले के विभिन्न अंचलों के राजस्व उपनिरीक्षक शामिल थे।विस्तृत जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक करें।