आईसेक्ट विश्वविद्यालय हजारीबाग के तरवा-खरवा स्थित मुख्य कैंपस में कला, विज्ञान व कृषि विभाग जबकि मटवारी स्थित सिटि कैंपस में सीएस एंड आईटी, परफॉर्मिंग आर्ट्स, फाइन आर्ट्स, कॉमर्स एवं प्रबंधन विभाग के विद्यार्थियों की ओर से हर्षोल्लास के साथ शिक्षकों के सम्मान में कार्यक्रम आयोजित कर शिक्षक दिवस मनाया गया। विश्वविद्यालय के सभी प्राध्यापक-प्राध्यापिकाओं के सम्मान में विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ मुनीष गोविंद, डीन एकेडमिक डॉ बिनोद कुमार व डीन एडमिन डॉ एसआर रथ के हाथों केक काट कर और डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन के चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम की शुरुआत की गई। मौके पर संबोधित करते हुए कुलसचिव डॉ मुनीष गोविंद ने कहा कि शिक्षक समाज के शिल्पकार हैं, लेकिन बदलते दौर में इस तकनीकी युग में शिक्षकों को समय के साथ खुद को अपडेट करते रहना भी बेहद अहम है, तभी शिक्षक अपने अपने दायित्वों और कर्तव्यों का भलीभांति निर्वहन कर देश को विकासशील से विकसित की ओर ले जाने में अहम भूमिका निभा सकेंगे। उन्होंने कहा कि महान शिक्षाविद् डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती पर मनाए जाने वाले शिक्षक दिवस कई मायनों में अहम है। डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जीवन सादगी और सफलता की मंजिल पाने की मिसाल है, जिससे आज के युवाओं को प्रेरणा लेने की ज़रूरत है। शिक्षक दिवस को अद्भुत परिकल्पना बताते हुए उन्होंने कहा कि भारतीय परंपरा में शिक्षकों का एक महत्वपूर्ण स्थान है। शिक्षक दिवस के उपलक्ष्य में आईसेक्ट विश्वविद्यालय में उत्कृष्ट कार्य करने वाले डॉ अरविंद कुमार, डॉ रूद्र नारायण, ललित मालवीय, माधवी मेहता, चंदा प्रसाद, उदय रंजन, ऋचा, नेहा सिन्हा, मनीष कुमार, सौरभ सरकार, राजेश कुमार, युगल कुमार समेत अन्य प्राध्यापक-प्राधयापिकाओं व कर्मियों को बीते शुक्रवार को कुलपति डॉ पीके नायक व कुलसचिव डॉ मुनीष गोविंद के हाथों सम्मानित किया गया। विश्वविद्यालय में आयोजित शिक्षक दिवस के मौके पर विश्वविद्यालय कुलसचिव डॉ मुनीष गोविंद, डीन एकेडमिक डॉ बिनोद कुमार, डीन एडमिन डॉ एसआर रथ, ललित मालवीय, विजय कुमार, माधवी मेहता, शीत गंगा, शमीम अहमद, सौरभ सरकार, डॉ रूद्र नारायण, डॉ अरविंद कुमार, रोहित कुमार, डॉ रोज़ीकांत, डॉ सीता राम शर्मा, डॉ श्वेता सिंह, विज्ञान विभाग एचओडी नेहा सिन्हा, रितेश कुमार, चंदा प्रसाद, डॉ सत्य प्रकाश, डॉ दिवाकर प्रसाद निराला, डॉ पूनम चंद्रा, डॉ शैलेन्द्र शर्मा, डॉ कविता सिन्हा, एसएनके उपाध्याय, उदय रंजन, संजय कुमार दांगी, विनित कुमार, प्रीति वर्मा, प्रीति व्यास, सुरेश महतो, बबीता कुमारी, अजय वर्णवाल, रवि रंजन, एकता कुमारी, फिरदौस शहनाज़, खुश्बू कुमारी, कुमारी काजल सोनी, मनीष कुमार, मनीषा कुमारी, मुकेश साव, आरती कुमारी, नीतू कुमारी, पंकज प्रज्ञा, प्रिया कुमारी, पूजा सिंह, राहुल राजवार, रविकांत, ऋचा, सबिता कुमारी, श्रेयामणि, तारा प्रसाद, उमा कुमारी, रंजू कुमारी, सौरभ कुमार, शालू सिन्हा, चांदनी कुमारी, राखी राणा, ज्योति कुमारी, निशा कुमारी, बबीता रॉय, चंदन कुमार, राज शर्मा, अनिल राणा, अमित कुमार, राजेश कुमार, राजीव रंजन, धीरज कुमार सोनी, अनवारुल होदा, जयंत कुमार, रानी भट्टाचार्य, मीना राणा, अराधना कुमारी, कुमारी नेहा, रंजीत यादव, अनुकंपा गुप्ता, विन्नी प्रिस्का टोप्नो, पूर्णिमा कुमारी समेत विश्वविद्यालय के सभी प्राध्यापक-प्राध्यापिकाओं व कर्मियों के साथ साथ बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद थे।
