नगर भवन हजारीबाग में जिला प्रशासन, आदिवासी छात्र संघ, आदिवासी केंद्रीय सरना, समिति व कैथोलिक सभा के संयुक्त तत्वाधान में विश्व आदिवासी दिवस सुशील ओड़िया के अध्यक्षता में धूमधाम के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का मंच संचालन कुलरंजन एक़का, अनिल टूडू, निरंजन उरांव, अनीषा प्रीति लकड़ा ने संयुक्त रूप से किया। कार्यक्रम को बतौर मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथि व समिति के पदाधिकारी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन कर विधिवत शुरुआत किया एवं समिति के पदाधिकारी गण ने संयुक्त रूप से मुख्य अतिथि उपायुक्त हजारीबाग एवं विशिष्ट अतिथि को स्वागत व सम्मानित किया गया। आदिवासी बालक बालिका छात्रावास हजारीबाग के छात्र छात्राओं ने स्वागत गीत- नृत्य कर सबका मन मोह लिया। आदिवासी छात्र संघ के केंद्रीय उपाध्यक्ष ने सभी का स्वागत किया और विश्व आदिवासी दिवस के बारे में बताया कि द्वितीय विश्व युद्ध के बाद दुनिया से आदिवासी विलुप्त होने के कगार में चले जा रहे थे इन आदिवासियों को बचाने के लिए संयुक्त राष्ट्र संघ ने 1994 में 9 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस मनाने का आह्वान किया। आज भी आदिवासी भुखमरी व बेरोजगारी से परेशान है। शराब तथा गंदी राजनीति का शिकार हो रहे हैं आदिवासी एकता समाप्त हो रहा है इसी को बचाने के लिए विश्व आदिवासी दिवस मनाया जाता है तथा आदिवासी अपना हक अधिकार को जाने और जागरूक हो विश्व का आदिवासी इसलिए इस दिवस में अपना भाषा संस्कृति नृत्य रहन-सहन खान-पान पर विश्व में अलग-अलग हैं पर सभी आदिवासी प्रकृति के साथ रहते हैं। जल जंगल जमीन इन आदिवासियों की जमा पूंजी है इसके बिना आदिवासी जीवित नहीं रह सकते हैं। कार्यक्रम के द्वारा भारत के महामहिम राष्ट्रपति के नाम 19 सूत्री मांग पत्र उपायुक्त हजारीबाग को सौंपा गया। आदिवासी केंद्रीय समिति अध्यक्ष महेंद्र बैंक ने शिक्षा एवं स्वास्थ्य पर बल दिया इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए प्रेस प्रभारी अजय टोप्पो, सरिता टू डू, रमेश हेंब्रम, शीतल बाखला सहित अध्यक्ष महेंद्र टोप्पो सविता खाखा ने अहम किरदार निभाया। कार्यक्रम को सफल बनाने में बंधन एक्का, ।इस खबर को सुनने के लिए ऑडियो पर क्लिक करें।
