आज़ादी के अमृत महोत्सव के अंतर्गत आज़ादी का जश्न कार्यक्रम के दौरान मंगलवार को मटवारी स्थित आईसेक्ट विश्वविद्यालय सभागार में कारगिल दिवस के मौके पर कार्यक्रम आयोजित कर शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई। इससे पूर्व आईसेक्ट विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ मुनीष गोविंद, कुलपति डॉ पीके नायक, डीन एकेडमिक डॉ बिनोद कुमार व डीन एडमिन डॉ एसआर रथ के हाथों दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम की शुरुआत की गई। वंदे मातरम की प्रस्तुति के बाद मौजूद प्राध्यापक व प्राध्यापिकाओं के साथ साथ विद्यार्थियों ने भी बारी बारी से शहीदों को श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ मुनीष गोविंद शहीदों को याद करते हुए कहा कि हर भारतीय को अपने शहीदों पर गर्व है। भारत के जवानों ने पाकिस्तानी सैनिकों के मनसूबों को जिस तरह धूल चटाई और कारगिल के चोटियों पर तिरंगा लहरा दिया, वह हमारे जवानों के साहस और बहादुरी का एहसास कराता है। वहीं विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ पीके नायक ने कारगिल विजय दिवस की अहमियत की ज़िक्र की और कहा कि कारगिल युद्ध 1999 में जब समाप्त हुआ तब भारतीय सैनिकों ने पाकिस्तानी सेना के कब्जे वाले पर्वतीय चौकियों पर नियंत्रण वापस ले लिया। इसलिए कारगिल विजय दिवस भारतीय इतिहास में महत्वपूर्ण दिन है। डीन एकेडमिक डॉ बिनोद कुमार व डीन एडमिन डॉ एसआर रथ ने अपने अपने विचार इस दौरान रखे। बताते चलें कि कार्यक्रम के दौरान अमन और विकास वाद्य गीत की प्रस्तुति दी। वहीं राम दूबे और ओशिन दूबे की देशभक्ति गीत ने मौजूद लोगों की आंखें नम कर दी। इस मौके पर दशरथ कुमार, स्वाति कुमारी, सपना कुमारी, सुगंधि व ईशा ने मनमोहक नृत्य की प्रस्तुति दी। इस दौरान चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था। शैली कुमारी, निशि, नेहा, मंजू, खुशमनी, गोपी, कृष्णा व दिनेश ने हिस्सा लिया, जिसमें प्रथम स्थान गोपी कृष्णा, द्वितीय स्थान नेहा व मंजू जबकि तृतीय स्थान खुशमनी को प्राप्त हुआ। मंच संचालन डॉ रोज़ीकांत ने किया। राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम समापन की घोषणा की गई।पूरी जानकारी के लिए लिंक को अभी क्लिक करें।
