समाहरणालय सभागार में उपायुक्त नैन्सी सहाय की अध्यक्षता में आयोजित जिला तंबाकू नियंत्रण समन्वय समिति (DTCCC) की बैठक-सह-धूम्रपान मुक्त घोषणा समारोह का आयोजन किया गया। उक्त समारोह में उपायुक्त सहित जिले के सभी वरीय पदाधिकारियों द्वारा धूम्रपान मुक्त घोषणापत्र पर हस्ताक्षर किया गया तथा उपायुक्त द्वारा हजारीबाग शहर को धूम्रपान मुक्त बनाए रखने की अपील की गई। तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम हेतु राज्य सरकार की तकनीकी सहयोगी संस्था सोशियो इकोनॉमिक एण्ड एजुकेशनल डेवलपमेंट सोसाईटी (सीड्स) के कार्यपालक निदेशक दीपक मिश्रा ने पावर पॉइंट प्रजेंटेशन के माध्यम से बताया कि राज्य सरकार के द्वारा सभी 24 जिलो में चलाए जा रहे तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत तम्बाकू नियंत्रण अधिनियम कोटपा-2003 की विभिन्न धाराओ के अनुपालन की स्थिति जानने हेतु झारखंड स्वास्थ्य मिशन के द्वारा समय समय पर स्वतंत्र एजेंसी से अनुपालन सर्वेक्षण कराया जाता है, तथा उस अनुपालन प्रतिवेदन के आधार पर COTPA -2003 की धारा 4 (सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान पर प्रतिबंध) के अनुपालन की बेहतर स्थिति के अनुसार जिलों को धूम्रपान मुक्त घोषित किया जाता है | राज्य के 5 जिलों यथा राँची, बोकारो, सरायकेला-खरसावां, धनबाद, रामगढ एवं खूँटी तथा जमशेदपुर शहर को धूम्रपान मुक्त जिला घोषित किया जा चुका है | श्री मिश्रा ने बताया कि वर्ष 2003 में भारतीय संसद द्वारा पारित कोटपा अधिनियम के सफल क्रियान्वयन के कारण देश में तंबाकू नियंत्रण पर काफी हद तक सफलता प्राप्त किया गया है। उन्होंने बताया कि धूम्रपान करना एक खतरनाक आदत है जहां छोटे-छोटे बच्चे हैं वहां तो स्थिति और भी अधिक नाजुक बन जाती है। तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम को अभियान के रूप में चलाए जाने के काफी अच्छे परिणाम प्राप्त हुए हैं। हर स्तर पर तंबाकू नियंत्रण के कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग मिला है। केंद्र सरकार, राज्य सरकार, सरकार के सभी कार्यालय, शैक्षणिक संस्थानों, सामाजिक संस्थानों एवं मीडिया जगत का इस अभियान को चलाने में काफी सहयोग मिला है। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए उपायुक्त नैन्सी सहाय ने समस्त जिले वासियों से अपील करते हुए कहा की धूम्रपान मुक्त शहर के बाद अब हमलोगों को अपने सम्पूर्ण जिले को धूम्रपान मुक्त बनाते हुए तम्बाकू मुक्त जिला बनाने की मुहिम शुरू करनी है, ताकि हमारी आने वाली पीढ़ियों को तम्बाकू के दुष्प्रभावों से बचाया जा सके। उपायुक्त ने तम्बाकू नियंत्रण हेतु जिले में गठित त्रिस्तरीय छापामार दस्ते के सभी सदस्यों को शैक्षणिक संस्थानों के 100 गज के अंदर अवस्थित सभी तम्बाकू उत्पाद बेचने वाले दुकानदारों को हटवाते हुए नियमित रूप से छापामारी करने का निर्देश दिया। *उपायुक्त नैन्सी सहाय ने आज हजारीबाग को राज्य का आठवां धूम्रपान मुक्त शहर घोषित किया गया।* उपायुक्त नैन्सी सहाय ने कहा कि हजारीबाग को धूम्रपान मुक्त शहर घोषित करते हुए मुझे काफी प्रसन्नता हो रही है। इस कार्य हेतु उपायुक्त द्वारा जिले की आम जनता, शैक्षणिक संस्थानों, सहयोगी संस्था सीड्स, जिले के तमाम मीडियाकर्मी, जिला स्तरीय पदाधिकारी, अनुमंडल स्तरीय पदाधिकारी, प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी, नगर निगम के नगर आयुक्त, स्वास्थ्य विभाग के सभी पदाधिकारी, पुलिस विभाग के सभी पदाधिकारी सहित सभी जिले वासियों को धन्यवाद एवं बधाई दिया। उपायुक्त ने कहा कि इस अभियान को सफल करने के लिए और अधिक प्रयास करनी होगी। समाज के आम लोगों के बीच जाकर तंबाकू के सेवन के दुष्प्रभावों से अवगत करवाते हुए इसपर पूर्ण नियंत्रण लगाने हेतु कार्य करने होंगे। लोगों को तंबाकू का सेवन नहीं करने हेतु प्रेरित एवं जागरूक करना होगा। उपायुक्त श्रीमती सहाय ने जिला वासियो से अपील किया है कि आप तंबाकू से तैयार होने वाले सभी पदार्थों यथा बीड़ी, सिगरेट, गुटखा, खैनी, हुक्का इत्यादि को छोड़े क्योंकि इनके द्वारा अनेक बीमारियां होती हैं। आप सभी के सहयोग से हजारीबाग शहर धूम्रपान मुक्त शहर घोषित हुआ है। अब हम लोगों का प्रयास होगा कि जिला को तंबाकू मुक्त जिला बनाने हेतु हम सब मिलकर प्रयास करेंगे हमें आशा है कि इस अभियान में हम अवश्य सफल होंगे। सिविल सर्जन डॉ एस पी सिंह ने सभी प्रतिभागियो का स्वागत करते हुए कार्यक्रम के उद्देश्य के बारे में बताया। पुलिस उपाधीक्षक, मुख्यालय ने कहा कि जिले के सभी चिन्हित स्थानों पर प्रवर्तन दलों के द्वारा समय-समय पर छापेमारी की जाएगी ताकि हजारीबाग जिला धूम्रपान मुक्त रहे एवं जल्द ही तंबाकू मुक्त अवस्था प्राप्त कर पाए । मौके पर उपायुक्त के अलावे सिविल सर्जन एस पी सिंह,जिला सूचना जन-सम्पर्क पदाधिकारी, खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी, जिला परामर्शी, तम्बाकू नियंत्रण कोषांग एवं सीड्स के पदाधिकारीयों सहित अन्य उपस्थित थे।
