झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग जिला के खुटरा प्रखंड से टेकनारायण प्रसाद कुशवाहा ने बताया कि जो 18 से 21 वर्ष का उम्र लड़कियों की शादी के लिए कर दिया गया है ये बहुत ख़ुशी की बात है। इसे कानून में तपदील कर देना चाहिए क्योकि इससे बच्चों को शिक्षा का अवसर प्राप्त होगा। बहुत से लोग बच्चियों का 18 साल पूरा होते होते न ही पढाई पूरा कर पाते थे और न ही उन्हें मातृत्व क्षमता हो सकती थी। न ही मानसिक रूप से उसे परिवार को सजाने और सवारने की क्षमता होती थी। इस खबर को सुनने के लिए ऑडियो पर क्लिक करें।
