स्वयंसेवकों का दायित्व संवेदनहीन लोगों को जागरूक करना है। इसके लिए स्वयंसेवकों के अंदर व्यक्तित्व विकास की जरूरत होती है। एनएसएस स्वयंसेवकों के व्यक्तित्व विकास का एक पटल है। उक्त बातें स्थानीय मार्खम कॉलेज स्थित विवेकानंद सभागार में आयोजित एनएसएस डे के कार्यक्रम में बतौर अपने अध्यक्षीय संबोधन में कॉलेज के प्रोफेसर इंचार्ज डॉ सुरेन्द्र बरई ने कही। उन्होंने कहा कि आजकल भागदौड़ की जीवन में लोग समाज के लिए नहीं अपने लिए जी रहे हैं। एनएसएस में मानवता की सेवा करने से व्यक्तित्व विकास एवं चरित्र निर्माण होता है। ऐसे में स्वयंसेवक अपने को संसार की सेवाभाव में लगाकर खुद को खुशी का आनंद प्राप्त करें। कॉलेज के प्राचार्य डॉ बिमल कुमार मिश्र ने दूरभाष पर एनएसएस के स्वयंसेवकों को एनएसएस डे की बधाई देते हुए उनकी हौसला अफजाई की। कार्यक्रम में कॉलेज के राजनीतिशास्त्र के अध्यक्ष डॉ रंजीत कुमार ने स्वयंसेवकों के सामने आने वाली अड़चनो का जिक्र करते हुए कहा कि सभी स्वयंसेवक अड़चनों को नजरअंदाज कर समाज सेवा का आनंद प्राप्त करें। विस्तृत जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक करें।
