होश सम्भालने के बाद से ही देवेन्द्र सिंह की अभिरुचि समाजसेवा के क्षेत्र के प्रति बढ़ती चली गयी। इनके माँ-पिता दीना नाथ सिंह एवं प्रतिमा सिंह का देवेन्द्र,दीपक,एवं रक्षा सिंह तीनों बच्चों का इनके सामाजिक कार्य में ,माता पिता का काफी सहयोग रहा। देवेन्द्र युवा होते होते समाज के विभिन्न क्षेत्रों में समर्पित भाव से काम करते हुए अपने नाम कई पुरस्कार बटोरे। चाहें सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य चिकित्सा में लापरवाही को सुदृढ़ करवाने का मुद्दा हो,अथवा शिक्षा का मामला,इनके सामाजिक जनहित कार्य के मामले में मीडिया बन्धु का इनको मदद मिलता रहा है।जिससे राष्ट्रीय एडिसन में भी इनका जनहित से जुड़ा खबर प्रमुखता से प्रकाशित हुआ है। जिसमें संज्ञान भी हुआ।विदेशों में रहकर पढ़ाई कर रहे भारतीय छात्र छात्राओं के हित की बात हो अथवा,महाराष्ट्र में वरिष्ठ पत्रकार जेडे हत्याकांड में दोषियों की गिरप्तारी की मांग का मुद्दा हो।इतना ही नहीं उन्होंने विदेशों में फंसे भारतीय मजदूरों के लिए आवाज बुलंद कर उन्हें मुक्त कराकर स्वदेश लाने में अहम भूमिका निभाई।इसके लिए भी वह कई सम्मान के हकदार हुए,, खबर को विस्तार पूर्वक सुनने के लिए क्लिक करें