विश्व आदिवासी दिवस पर रुचि कुजुर जिलाध्यक्ष झामुमो हज़ारीबाग ने हज़ारीबाग सरना स्थल धुमकुड़िया में आयोजित कार्यक्रम में कहा कि आदिवासियों को भी पहचान कायम रखने और उनको आगे बढ़ने के लिए सयुंक्त राष्ट्र संघ ने नौ अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस घोषित किया परंतु आज भी भारत के आदिवासी समाज पीड़ित और शोषित है।इसके लिए आज आदिवासी समाज को ही अपने दम पर आगे चलकर आना होगा।जिस तरह आज आदिवासी दर्शन जल जंगल जमीन को ले कर चलने वाली समुदाय है जिसकी सीख बड़े बड़े महापुरुष और विकसित देश आज डंके की चोट पर बोल रही है,आदिवासी समाज पहले से ही अपनी सांस्कृतिक वेशभूषा और भाषा में प्रकृति को शामिल किया हुआ है। रुचि कुजुर ने जोर दे कर कहा आज अगर आदिवासी और आदिवासी दर्शन को जीवित रखना है तो हमे अपने पीढ़ी को भाषा संस्कृति और जीवन शैली को जोड़ कर रखना होगा। और *इसके लिए बच्चों को बचपन से ही अपनी अपनी आदिवासी भाषा को विद्यालय में अनिवार्य रूप से पढ़ाना चाहिए वनिस्पत नौकरी के लिए अंतिम मुकाम पर डिग्री हासिल करने के लिए बाध्य करना।पूरी खबर सुनने के लिए ऑडियो पर क्लिक करें।
