मार्खम कॉलेज हजारीबाग में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के तत्वावधान में विश्व आदिवासी दिवस पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। काॅलेज के प्राचार्य डॉ बिमल कुमार मिश्र के निर्देश पर आयोजित इस संगोष्ठी में स्वयंसेवकों ने बढ़ -चढ़ कर हिस्सा लिया। इस संगोष्ठी में एनएसएस के स्वयंसेवकों ने अपने- अपने विचार व्यक्त किए। विश्व आदिवासी दिवस पर आयोजित इस संगोष्ठी में स्वयंसेवकों में मुख्य रूप से दीपक कुमार गुप्ता, प्रगति प्रेरणा, सन्नी कुमार, शिवा कुमार,तेजवंत कुमार , रंजय प्रसाद, सुशील कुमार मोदी, सलोनी कुमारी, राजीव रंजन, लालकिशोर महतो, भवानी प्रसाद, कृष्णा कुमार साव, अतीस कुमार, तेजवंत कुमार ने अपने विचार व्यक्त किए। इस आदिवासी दिवस के अवसर पर स्वयंसेवकों में काफी उत्साह देखा गया। संगोक को संबोधित करते हुए कॉलेज के पीओ बीएन सिंह ने कहां की आदिवासी समुदाय की लोक परंपरा, संस्कृति, भाषा एवं अस्तित्व की रक्षा के लिए विश्व आदिवासी दिवस 9 अगस्त को मनाया जाता है। संयुक्त राष्ट्र संघ की महासभा ने दिसंबर 1994 में इसे घोषित किया। अमेरिका में आदिवासी दिवस पहली बार 9 अगस्त 1994 को मनाया गया, तभी से प्रत्येक वर्ष विश्व आदिवासी दिवस का आयोजन किया जाने लगा। हमारे देश की आजादी से पहले आदिवासी जाति ने देश की स्वतंत्रता के लिए काफी योगदान दिया। आदिवासी समुदाय के लोग काफी सरल एवं मृदुल भाषी होते हैं। इस कॉलेज में एनएसएस के तत्वाधान में विगत चार वर्षों से विश्व आदिवासी दिवस का आयोजन किया जा रहा है।
