कोरोना महामारी के पहलें व दुसरे लहर से हर कोई परेशान है जिससे उनकी आर्थिक स्थिति बदहाली पर है। शनिवार को हजारीबाग शहर के कालीबाड़ी स्थित समाजसेवी राकेश गुप्ता ने अपने आवासीय कार्यलय से स्कुलों में ट्यूशन फीस के साथ एनुअल चार्ज मांगे जाने पर प्रेष विज्ञप्ति जारी किया। उन्होंने प्रेष विज्ञप्ति के दौरान कहा कि हजारीबाग में कई विद्यालय का सत्र 21-22 के लिए एनुअल चार्ज और ट्यूशन फीस दोनों मांगा जा रहा है ये कहां तक का जायज है जबकि पिछले वर्ष ही कोरोना के मद्देनजर झारखंड सरकार ने यह आदेश निर्गत किया था कि विधालय ऑनलाइन क्लास करवायेंगे और सिर्फ ट्यूशन फीस लेंगें। कहा कि पिछले सत्र में विद्यालय में इस आदेश का पालन भी किया परंतु अब इस आदेश को ठेंगा दिखाते हुए इस सत्र में कई विद्यालय अपने छात्रों से एनुअल फीस के रूप में 17-18 हजार रुपया सिर्फ एनुअल फीस के साथ में ट्यूशन फीस लगातार मांगा जा रहा है। साथ ही मानसिक दबाव डाला जा रहा है कि आप अगर एनुअल फीस और ट्यूशन फीस दोनों नहीं देंगे तो आपको परीक्षा में बैठने से वंचित होना पड़ेगा। उन्होंने राज्य सरकार व जनप्रतिनिधियों से आग्रह किया है कि इस विषय पर संज्ञान लेते हुए विधालय को सिर्फ ट्यूशन फीस ही लेने का आदेश निर्गत करवाये जैसा कि पिछले वर्ष हुआ था, क्योंकि कोरोना में सब की आर्थिक स्थिति अत्यंत दयनीय है।इस खबर को सुनने के लिए ऑडियो पर क्लिक करें।
