शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास का दो दिवसीय प्रांतीय वर्चुअल कार्यशाला संपन्न हो गया। चरित्र निर्माण एवं व्यक्तित्व विकास में पंचकोशीय साधना की भूमिका विषयक इस दो दिवसीय वर्चुअल कार्यशाला के प्रथम सत्र को संबोधित करते हुए बतौर मुख्य वक्ता शांतिकुंज के केंद्रीय जोनल समन्वयक डॉ ओपी शर्मा ने मनोमय कोश पर संबोधित करते हुए कहा कि व्यक्तित्व विकास में पंचकोशीय साधना का विशेष महत्व है। मनुष्य मन के अनियंत्रित होने से गिरता है। मन को नियंत्रण करने एवं सफल जीवन के लिए शारीरिक गति एवं मन को केंद्रित करना जरूरी है, जिसे ही योग कहते हैं। मन को केंद्रित करने के लिए अभ्यास एवं वैराग्य की जरूरत है,, खबर को विस्तार पूर्वक सुनने के लिए ऑडियो पर क्लिक करें
