शिक्षक कभी सेवानिवृत्त नहीं होते। पौराणिक काल से हमेशा गुरुजनों से शिक्षा लिए जाने की परंपरा रही है। एक लंबा पठन-पाठन का अनुभव शिक्षक को और अधिक जानकार एवं अनुभवी बनाता हैं। उक्त बातें स्थानीय मार्खम कॉलेज के भौतिकी विभागाध्यक्ष प्रो० विनय अखौरी की सेवानिवृत्ति पर आयोजित वर्चुअल समारोह की बतौर अध्यक्षता करते हुए विनोबा भावे विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति डॉ अजित कुमार सिन्हा ने कही। उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्ति सेवाकाल का एक पड़ाव है, परंतु उस पड़ाव के बाद विश्वविद्यालय को आपकी जरूरत है। प्रतिकुलपति ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति में भी अनुभवी शिक्षकों से सेवा लिए जाने का उल्लेख है। वर्चुअल समारोह में कॉलेज के प्राचार्य डॉ बिमल कुमार मिश्र ने विनोबा भावे विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति की लिखित प्रशस्ति पत्र को पढ़कर सुनाते हुए कहा कि विभागाध्यक्ष प्रो. अखौरी हमेशा कॉलेज के प्रति सेवाभाव से जुड़े रहे,, इस खबर को विस्तार पूर्वक सुनने के लिए ऑडियो पर क्लिक करें