एनएसएस में स्वयंसेवकों का व्यक्तित्व विकास होता है। इसके अंतर्गत स्वयंसेवक नि : स्वार्थ भाव से किसी कार्य को करते हैं। इसके उद्देश्यों के तहत स्वयंसेवक किसी कार्य का श्रेय दूसरे को देते हैं।स्वयंसेवकों में 'मैं नहीं आप' की भावना होती है। उक्त बातें विनोबा भावे विश्वविद्यालय स्थित विज्ञान भवन के आर्यभट्ट सभागार में आयोजित एनएसएस के सलाहकार समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कुलपति डॉ मुकुल नारायण देव ने कही। उन्होंने कहा कि एनएसएस में देशहित में विकास के लिए अनेकों संभावनाएं हैं । बैठक में एनएसएस क्षेत्रीय कार्यालय,पटना के क्षेत्रीय निदेशक पीयूष परांजपे ने कहा कि एनएसएस में स्वयंसेवकों को देशहित में नि:स्वार्थ कार्य करने का अवसर प्राप्त होता है। उन्होंने कार्यक्रम पदाधिकारियों से कहा कि ससमय नियमित कार्यों का प्रतिवेदन विश्वविद्यालय को दें,, विस्तार पूर्वक खबर को सुनने के लिए ऑडियो पर क्लिक करें