जिला मधुबनी प्रखंड खुटौना से चंदू जी मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है की अल्पायु में विवाह के कई दुष्परिणाम होते है।जैसे कम उम्र में शादी करने से पारिवारिक जिम्मेवारियाँ बढ़ने के कारण बच्चो की पढाई छूट जाती है।लड़कियां समय से पहले गर्भवती हो जाती है जिससे स्थायी रूप से उन्हें शारीरिक और मानसिक तौर पर कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है।15 वर्ष से कम उम्र में लड़की की शादी कर देने से गर्भवती हो जाने पर उनकी मौत की संभावना भी पांच गुना बढ़ जाती है,साथ ही गर्भपात की समस्याएं भी बढ़ जाती है।जनसख्या वृद्धि के कारणों में कम उम्र में होनेवाली शादियों की अहम भूमिका होती है,क्योंकि फैमिली प्लानिंग की समझ उम्र के हिसाब से उनमे कम होती है।जानकारी के आभाव में लड़कियां असुरक्षित यौन संबंधो के कारण एड्स जैसी बीमारियों से भी ग्रसित हो जाती है।मानसिक परिपक्वता के आभाव में शिशु की देखभाल अच्छे से नहीं हो पाती है,साथ ही घरेलु हिंसा भी बढ़ जाती है
