शहर के मुख्य पथ पर स्थित तेतीस ए रेल फाटक के उत्तर पूर्व लाईट ओवरब्रिज के नीचे का भूभाग नेपाली टेम्पो का अवैध स्टैंड बना हुआ है। यह एक ऐसा रेल फाटक है जिससे होकर प्रतिदिन हजारों छोटी बड़ी वाहन व पैदल यात्रा भारत नेपाल आते जाते हैं । रेल फाटक के ठीक सटे उत्तर पूर्व रोजाना सुबह से शाम तक नेपाली टेम्पो अवैध रूप से लगा कर यात्री बैठाने से जाम की समस्या बनी रहती है। उस वक्त बड़ी समस्या उत्पन्न होती है, जब सुबह लगातार ट्रेन परिचालन को लेकर अक्सर रेल फाटक बंद होता है। फाटक खुलते ही वाहनों व पैदल यात्रियों की भीड़ को सरकना मुश्किल हो जाता है। उधर दिन चढ़ते ही फाटक के बीच रेल ट्रेक तक पर टेम्पो को लाईन में खड़ा करके सड़क तक जाम कर दी जाती है जिससे यातायात प्रभावित होता ही है। साथ ही रेल दुर्घटाना की गंभीर समस्या बनी रहती है। रेल फाटक बंद करने के लिए वाहनों के निकलने में काफी देर तक इंतजार करना पड़ता है। ऐसे में किसी ट्रेन के गुजरने पर बड़ी रेल दुर्घटना से इंकार नहीं किया जा सकता।इस महत्वपूर्ण रेल फाटक पर रेल पुलिस की ठोस व्यवस्था नहीं होने की वजह से सदैव विधि ब्यवस्था की स्थिति उत्पन्न होती रहती है। यहीं कारण है कि पिछले दिनों रेल फाटक पर नेपाली टेम्पो परिचालन विवाद के कारण एक टेम्पो चालक की हत्या तक हो चुकी है व कई लोग रेल दुर्घटना का शिकार हो चुके हैं। रेल फाटक के पास अवैधरूप से नेपाली टेम्पो खड़ा किया जाना आम बात बना हुआ है।जबकि शहर में बस स्टेंड व टेम्पो स्टेंड के लिए स्थान निर्धारित किया गया है। परन्तु अधिक से अधिक यात्री बैठाने की होड़ में टेम्पो को रेल फाटक पर खड़ा किया जा रहा है जिस पर कोई अंकुश नहीं है। यही नहीं नेपाली टेम्पो के अवैध पार्किंग से अहिरवाटोला सहित अन्य गांव मुहल्ले के लोगों का मुख्य सड़क पर निकलने में गंभीर समस्या उत्पन्न हो रही है। चर्चा इस बात की भी जोरोंपर है कि रेल पुलिस मिलीभगत से अवैध पार्किंग की छूट दे रखी है।यही कारण है की शहर में अतिक्रमण तो हटाया जाता है। परन्तु नेपाली टेम्पो स्टैंड का अतिक्रमण नहीं हटाया जाता। इस बावत रेल थानाध्यक्ष धर्मेन्द कुमार का कहना है कि आरोप सरासर गलत है। सड़क जाम की समस्या को देखते नेप्पली टेम्पो को एक तरफ रखा जाता है। मामले का भौतिक निरीक्षण के बाद आवश्यक कार्रवाई कर रेल फाटक पर अवैध पार्किंग हटाना सुनिश्चित करेंगे।
