जिला उद्यान विभाग आम की आम व गुुठली के दाम की कहावत चरितार्थ करने जा रहा है। आम खाकर गुठली को लोग फेंक देते हैं। लेकिन अब इसका उपयोग आम का कलमी पौधा उगाने में किया जाएगा। इसकी पहल जिला उद्यान विभाग ने शुरू की है। आम खाकर इसकी गुठली को बेकार समझ इसे फेंकने की जरूरत नहीं है। आम की गुठली को जिला उद्यान विभाग या पीपराकोठी स्थित जिला उद्यान विभाग की प्रोजेनी नर्सरी में आम की गुठली को आम लोग जमा करा सकते हैं। आम की गुठली से आम के कलमी पौधे तैयार किये जाएंगे। इन पौधों को किसानों के बीच मुफ्त में वितरित किया जाएगा। आम की गुठली जमा करानेवाले किसानों को योजना में प्राथमिकता दी जाएगी। लेकिन आम के पौधों के लिए किसानों को ऑनलाइन आवेदन देना होगा। इसमें किसानों का चयन किया जाएगा। 20 हजार आम के कलमी पौधे तैयार करने का लक्ष्य नर्सरी में अगले सीजन के लिए 20 हजार आम के कलमी पौधे तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। आम के गुठली से बीजू पौधे तैयार किये जाएंगेद्य। फिर इससे कलमी पौधे उगाये जाएंगे। इस साल करीब 15 हजार कलमी पौधे तैयार किये जा रहे हैं।
