शहरों के साथ अब ग्रामीण क्षेत्रों के गांव व कस्बे में भी मुख्यमंत्री सोलर स्ट्रीट लाइट योजना के तहत स्वच्छ गांव- समृद्ध गांव के अंतर्गत सोलर स्ट्रीट लाइट लगाये जाएंगे। इसके लिए विभागीय स्तर पर कवायद शुरू कर दी गई है। पंचायती राज विभाग ने इसके लिए जगहों को चिन्हित कर टेंडर प्रक्रिया भी पूरा कर लिया है। इस कार्य का जिम्मा एमएसआईटीआई लिमिटेड कंपनी प्रयागराज ( यूपी ) को मिला है। शीघ्र निर्माण कंपनी द्वारा सोलर स्ट्रीट लाइट लगाने का कार्य भी आरंभ कर दिया जाएगा। इससे जहां एक ओर ग्रामीण क्षेत्रों के गांव व कस्बे भी सोलर स्ट्रीट लाइट के प्रकाश से जगमग जगमग करेंगे। वहीं विद्युत की अनियमित आपूर्ति की समस्या प्रकाश में आड़े नहीं आएगी। 52 वार्डो के 520 स्थानों पर लगाये जाएंगे सोलर स्ट्रीट लाइट प्रखंड के तेरह पंचायतों के कुल 192 वार्डो के 1920 स्थानों पर सोलर स्ट्रीट लाइट लगाई जाएगी। ऐसे में प्रथम चरण में अभी प्रत्येक पंचायत के चार वार्डो के दस स्थानों पर यानी 52 वार्डो के 520 स्थानों पर सोलर स्ट्रीट लाइट लगाया जाएगा। एक सोलर स्ट्रीट लाइट लगाने पर करीब 30,669 रुपये का खर्च आ रहा है। पांच साल तक होगी रखरखाव की जिम्मेवारी सोलर लाइट के पांच वर्ष तक रख रखाव की जिम्मेदारी एजेंसी को होगी। इसलिए सोलर स्ट्रीट लाइट लगने के बाद एजेंसी को मात्र 75 फीसदी की ही राशि भुगतान करने का प्रावधान किया गया है। पांच साल तक सोलर स्ट्रीट लाइट के मेंटेनेंस के बाद शेष 25 फीसदी राशि एजेंसी को भुगतान किया जाएगा। 192 वार्डों में लाइट लगाने की है योजना प्रभारी बीपीआरओ सह बीडीओ संदीप सौरभ का कहना है कि प्रखंड के तेरह पंचायतों के 192 वार्डो में दस दस स्थानों पर सोलर स्ट्रीट लाइट लगाने की योजना है। प्रथम चरण में 52 वार्डो के 520 स्थानों पर सोलर लाइट लगाने की करवाई आरंभ कर दी गई है।